Author(s)

Mamta Mukati

  • Manuscript ID: 140301
  • Volume: 2
  • Issue: 6
  • Pages: 225–229

Subject Area: Other

Abstract

घरेलू हिंसा भारत में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले सबसे गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराधों में से एक है। यह हिंसा केवल शारीरिक उत्पीड़न तक सीमित नहीं होती, बल्कि मानसिक, आर्थिक, भावनात्मक और यौन शोषण को भी सम्मिलित करती है। भारतीय समाज में पितृसत्तात्मक व्यवस्था, आर्थिक निर्भरता, अशिक्षा तथा सामाजिक भय घरेलू हिंसा को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण हैं। महिलाओं की सुरक्षा हेतु भारत में विभिन्न कानून बनाए गए हैं, जिनमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 प्रमुख है। यह शोध पत्र घरेलू हिंसा की प्रकृति, कारण, प्रभाव तथा भारतीय विधिक ढांचे का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। साथ ही न्यायालयों की भूमिका, पुलिस प्रशासन, सामाजिक जागरूकता तथा सुधारात्मक उपायों का भी अध्ययन किया गया है।

Keywords
घरेलू हिंसामहिला सुरक्षावैवाहिक उत्पीड़नमानसिक प्रताड़नाआर्थिक हिंसादहेज उत्पीड़नमहिला अधिकारघरेलू हिंसा अधिनियम 2005लैंगिक न्यायमानवाधिकारपारिवारिक कानूनमहिला संरक्षण